शृंगार रस
इसके दो भाग है संयोग वियोग
शृंगार रस की परिभाषा इसमें नायक नायक का के सहयोग की स्थिति का वर्णन रहता है
उदाहरण बतरस लालच लाल की मुरली धरी लुकाय शो करें कोने से दिन कट जाए
हास्य रस जा किसी व्यक्ति की विकृत वाणी भी करते हुए एवं आकृति चेस्ट आदि का वर्णन हो जिसे सुनकर या देखकर आं हंसी उत्पन्न हो वहां हास्य रस होता है
उदाहरण जब धूमधाम से जाती बरात किसी के साथ दर्ज कर मन करता धक्का दे दूल्हे को जवेडू घोड़े पर सपने में मुझको अपनी शादी होती थी शादी वरमाला ले दुल्हन भर्ती बस नींद भी खुल जाती
करुण रस प्री वस्तु के नाम और अनिष्ट की प्राप्ति से चिप में जो विफलता आती है वही करुण रस होता है
इसका सरल उदाहरण देख सुदामा की दीन दशा करुणा करके करुणानिधि रोए पानी परात को हाथ छुयो नहिं नैनन के जल सो पग धोए
रोहतक रोड नमक स्थाई भाव विभाव अनुभव संचारी भाव से पोस्ट होता हुआ इस दशा को प्राप्त होता है महारुद्र पाया जाता
उदाहरण के वचन कटोरा परसों सुधारी धर्म कर गोरा अब जानी दुश्मन ही लागू करवा दी बालक नाथ जोगी
वीर वीर में उत्साह स्थाई भाव होता है युद्ध में ही पक्षी को देखकर ओजस्वी वीर घोषणा एवं वीर गीत सुनाकर उत्साहवर्धक क्रियाकलापों को देखने में यार जागृत होता है उदाहरण वह खून कहो किस मतलब का जिसमें उबाल का नाम नहीं वह खून कहो किस मतलब का आ सके देश के काम नहीं
भयानक रस का स्थाई भाव है भयंकर प्राकृतिक दृश्य को देखकर अथवा प्राणों के विनाशक बलवान शत्रु को देखकर उसका वर्णन सुनकर में उत्पन्न होता है उदाहरण हा कार्यक्रम में कठिन वज्र होते तो चूरू में दिगंत बधिर भीषण राव बार-बार होता था
इसके दो भाग है संयोग वियोग
शृंगार रस की परिभाषा इसमें नायक नायक का के सहयोग की स्थिति का वर्णन रहता है
उदाहरण बतरस लालच लाल की मुरली धरी लुकाय शो करें कोने से दिन कट जाए
हास्य रस जा किसी व्यक्ति की विकृत वाणी भी करते हुए एवं आकृति चेस्ट आदि का वर्णन हो जिसे सुनकर या देखकर आं हंसी उत्पन्न हो वहां हास्य रस होता है
उदाहरण जब धूमधाम से जाती बरात किसी के साथ दर्ज कर मन करता धक्का दे दूल्हे को जवेडू घोड़े पर सपने में मुझको अपनी शादी होती थी शादी वरमाला ले दुल्हन भर्ती बस नींद भी खुल जाती
करुण रस प्री वस्तु के नाम और अनिष्ट की प्राप्ति से चिप में जो विफलता आती है वही करुण रस होता है
इसका सरल उदाहरण देख सुदामा की दीन दशा करुणा करके करुणानिधि रोए पानी परात को हाथ छुयो नहिं नैनन के जल सो पग धोए
रोहतक रोड नमक स्थाई भाव विभाव अनुभव संचारी भाव से पोस्ट होता हुआ इस दशा को प्राप्त होता है महारुद्र पाया जाता
उदाहरण के वचन कटोरा परसों सुधारी धर्म कर गोरा अब जानी दुश्मन ही लागू करवा दी बालक नाथ जोगी
वीर वीर में उत्साह स्थाई भाव होता है युद्ध में ही पक्षी को देखकर ओजस्वी वीर घोषणा एवं वीर गीत सुनाकर उत्साहवर्धक क्रियाकलापों को देखने में यार जागृत होता है उदाहरण वह खून कहो किस मतलब का जिसमें उबाल का नाम नहीं वह खून कहो किस मतलब का आ सके देश के काम नहीं
भयानक रस का स्थाई भाव है भयंकर प्राकृतिक दृश्य को देखकर अथवा प्राणों के विनाशक बलवान शत्रु को देखकर उसका वर्णन सुनकर में उत्पन्न होता है उदाहरण हा कार्यक्रम में कठिन वज्र होते तो चूरू में दिगंत बधिर भीषण राव बार-बार होता था


No comments:
Post a Comment